Health

मात्र इन 7 नियमों के पालन से ही जीवन में कभी नहीं आता बुढ़ापा..

आयुर्वेद का जन्म भारत में हुआ था. लेकिन आज भारत के नागरिक ही इससे बेखबर है, आज के समय विदेशी लोग भी इसे अपना रहे है. अगर हम अपने जीवन में आयुर्वेद को अपना ले तो हमारी बहुत सारी परेशानियां दूर हो जाएँगी.

माना जाता है की आयुर्वेद का जन्म करीब 5 हजार साल पहले हुआ था. अगर आपको सरल भाषा में समझाए तो योग का भाई है आयुर्वेद. आयुर्वेद में 8 नियमो के बारे में बताया गया है. जिसे अपना कर कोई भी स्वस्थ रह सकता है. आज हम आपको उन्ही के बारे में बतायेंगे.

1. रोज़ सुबह उठ कर गर्म पानी पिये. गर्म पानी पिने से आपका पूरा पाचनतंत्र साफ़ हो जायेगा. रात को सोने से पहले भी एक गिलास पानी अवश्य पीना चाहिए. दिन में आम आदमी को 3 से 4 और खिलाड़ी को 4 से 5 लीटर पानी पीना चाहिए.

2. रोज़ सुबह उठ कर करीब आधा घंटे तक कसरत करे. आयुर्वेद में लिखा है की कसरत जब तक करे जब तक आपके शरीर से पसीना न छुटने लगे.

3. रोज़ सुबह करीब 10 मिनट तक शांत बेठे. आप को बता दे की यह कार्य आपको किसी शांत जगह में करना होगा. जहा थोडा सा भी शोर न हो. आपको पूरी 10 मिनट तक एक ही जगह ध्यान केन्द्रित करना होगा. हो सके तो ॐ का जाप करें.

4. प्रतिदिन 3 बार खाना खाए. भूख इन्सान के वश में हो सकती है. भूख पर नियंत्रण पाना काफी कठिन लेकिन असंभव नही है. अगर आप रोज़ किसी निश्चित समय पर खाना खाए तो आपका शरीर उसी तरह से ढल जाता है. इसलिए कम से कम 3 बार खाना खाए. बेशक थोडा कम खाए लेकिन 3 बार अवश्य भोजन का सेवन करे.
5. खाने में ध्यान रखें कि बाहर का खाना या फ़ास्ट फ़ूड या बासी खाना खाएं और साथ ही चिकनाई और मैदे के खाने से हमेशा दुरी रखें. खाने में सलाद, फल और दूध को हमेशा रखें.

6. खाना खाने के बाद थोड़ी देर रोज़ तक जरुर टहले. खाना खाने के बाद कभी भी लेटना व् बेठना नहीं चाहिए क्योकि ऐसा करने से खाना आपकी आतो में अटक सकता है. इसलिए कही न कही टहले जब तक थोडा खाना हजम न हो जाये.

7. सूरज के ढलने के साथ ही सोये तथा सुबह सूरज के निकलने के साथ ही जगे. अगर हम अपने शरीर को इस तरह ढालने की कोशिस करे तो आपका शरीर बीमारियों से मुक्त रहेगा.

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