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इस राजकुमारी की वजह से जीवन भर अविवाहित रहे अटल जी, जानिये दिलचस्प किस्सा

अटल जी के कई बार कई पत्रकारों ने ये सवाल पूछे, लेकिन वो भड़कने या गुस्सा करने के बजाय सादगी से जबाव देते थे कि व्यस्तता की वजह से शादी नहीं हो पाई।
अटल बिहारी वाजपेयी इस देश के तीन बार प्रधानमंत्री बने, वो पहले गैर-कांग्रेसी पीएम थे, जिन्होने 5 साल का कार्यकाल पूरा किया था। अटल जी के जीवन से जुड़ा एक सवाल ये भी है जो बार-बार पूछा जाता है, कि उन्होने आखिर शादी क्यों नहीं की। जब कभी भी उनके शादी ना करने का जिक्र होता है, तो उनके द्वारा सदन में दिया गया, वो बयान याद आता है, जब उन्होने कहा था कि मैं अविवाहित जरुर हूं, लेकिन कुंवारा नहीं।
हालांकि उनके समर्थक और साथी दावा करते थे कि उन्होने देश के खातिर अविवाहित रहने का निर्णय किया लिया था, इसी वजह से उन्होने शादी नहीं की। हालांकि उन्हें करीब से जानने वालों का दावा है कि अटल जी की कॉलेज के दिनों से राजकुमारी कौल नाम की लड़की मित्र थी, जो आखिरी दिनों तक उनके साथ रहीं।
प्रेम पत्र लिखते थे
कहा जाता है कि अटल ही अपनी इस महिला मित्र से बेहद प्रेम करते हैं, कुछ जानकार और किताबें भी इस बात का हवाला देती है, 

वाजपेयी जी ने कॉलेज के दिनों में राजकुमारी को प्रेम पत्र लिख कर अपने प्यार का इजहार भी किया था। लेकिन उन्हें उस प्रेम पत्र का कोई जबाव नहीं मिला। उनके उस प्रेम पत्र का खुलासा तब हुआ था, जब अटल जी ने चिट्ठी एक किताब में रखकर लाइब्रेरी में छोड़ा था, उसी किताब में राजकुमारी कौल ने जबाव भी लिखा था। लेकिन वो कभी अटल जी तक पहुंचा ही नहीं।

दिल्ली में दोस्ती हुई गहरी
फिर कॉलेज के बाद जीवन की गाड़ी आगे बढी, अटल जी राजनीति में सक्रिय हो गये, तो राजकुमारी की शादी उनके पिता ने एक प्रोफेसर बिज्र नारायण कौल से कर दी। शादी के बाद राजकुमारी अपने परिवार के साथ दिल्ली विश्वविद्यालय के रामजस कॉलेज कैम्पस में रहने लगा, कहा जाता है कि दिल्ली में अटल जी और राजकुमारी की दोस्ती फिर से गहरी हो गई। राजकुमारी कौल ने एक इंटरव्यू में कहा था कि मैंने और वाजपेयी जी ने कभी इस बात की जरुरत ही महसूस नहीं की, कि इस रिश्ते के बारे में कोई सफाई दी जाए।

मौत बनीं सुर्खियां
राजनीतिक जानकार अटल जी को आदर्श प्रेमी की संज्ञा देते हैं, वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नैय्यर ने अटल जी और राजकुमारी कौल के संबंध को देश के राजनीतिक हलकों में घटी सबसे सुंदर प्रेम कहानी कहा था। दिलचस्प ये भी है कि उनके संबंध कभी चर्चा का विषय नहीं बने, साल 2014 में जब राजकुमारी कौल का निधन हुआ, तो देश के कई बड़े अखबारों ने इस खबर को प्रमुखता से छापा, कईयों ने तो उन्हें अटल जी की जीवन का डोर कहा था। राजकुमारी कौल के निधन के बाद जो प्रेस रिलीज जारी किया गया था, उसमें उन्हें अटल जी के परिवार का हिस्सा बताया गया था।
कौल की बेटी नमिता को माना पुत्री
मोरारजी देसाई की सरकार में जब अटल जी विदेश मंत्री बनें, तो लुटियंस जोन में राजकुमारी कौल उनके साथ ही रहती थी, जब अटल जी पीएम बनें, तो सरकारी आवास में राजकुमारी कौल, बेटी नमिता और दामाद रंजन भट्टाचार्य भी साथ रहते थे। अटल जी ने राजकुमारी कौल की बेटी नमिता को अपनी दत्तक पुत्री का दर्जा दिया। उन्हें अपनी नातिन निहारिका से बेहद लगाव था, वो उनके साथ समय बिताना पसंद करते थे। जब राजकुमारी कौल का निधन हुआ था, तो लाल कृष्ण आडवाणी, राजनाथ सिंह और सुषमा स्वाराज अंतिम संस्कार में पहुंची थी।

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